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77वां गणतंत्र दिवसः वंदे मातरम के 150 वर्ष का जश्न, कर्तव्य पथ पर भव्य परेड

77वें गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन कर्तव्य पथ पर किया जाएगा, जिसका मुख्य विषय वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समारोह की अध्यक्षता करेंगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे


77वें गणतंत्र दिवस समारोह हर साल की तरह इस बार भी कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाला है. इस बार 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित हो रहे गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन कार्यक्रम बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे.

इस मौके पर भारत की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति की झांकी देखने को मिलेगी. नई इकाइयों से लेकर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तैनात प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल भी इसका हिस्सा होंगे. लगभग 100 सांस्कृतिक कलाकार 'विविधता में एकता' विषय पर आधारित परेड करेंगे. ध्वज शैली में 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार Mi-171V हेलीकॉप्टर फूल बरसाएंगे.


वीरता पुरस्कारों के विजेता भी बनेंगे परेड का हिस्सा

इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू सलामी लेंगी और परेड शुरू होगी. इस परेड का नेतृत्व परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार करेंगे, जो दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग हैं और दूसरी पीढ़ी के अधिकारी हैं. इसके साथ ही सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों के गौरवशाली विजेता भी परेड में शामिल होंगे. यूरोपीय संघ (ईयू) की एक छोटी सैन्य टुकड़ी भी परेड में का हिस्सा बनेगी.


पीटीआई के मुताबिक, गणतंत्र दिवस की परेड में पहली बार भारतीय सेना का चरणबद्ध 'बैटल ऐरे फॉर्मेट' प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें हवाई घटक भी शामिल होगा. अधिकारियों ने बताया कि स्वदेशी ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और इसका सशस्त्र संस्करण, रुद्र, प्रहार फॉर्मेशन में हवाई सहायता प्रदान करेंगे, जो युद्धक्षेत्र की रणनीति का प्रदर्शन करेगा.


'मजबूत राष्ट्र के लिए मजबूत नौसेना' थीम पर बेस्ड होगी झांकी

तीन सेनाओं की एक झांकी देखने को मिलेगी, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के तैनात प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल दिखाए जाएंगे. एक कांच के आवरण में बना एकीकृत ऑपरेशनल सेंटर ऑपरेशन सिंदूर के संचालन को दर्शाएगा. इसके बाद नौसेना की झांकी पेश की जाएगी जो 'मजबूत राष्ट्र के लिए मजबूत नौसेना' थीम पर बेस्ड होगी.


वंदे मातरम के 150 सालों का जश्न

कुल मिलाकर कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलेंगी. इनमें 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी और 13 विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की होंगी. झांकियों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 सालों और देश की तरक्की का अनूठा संगम देखने को मिलेगा. हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से लगभग 2,500 सांस्कृतिक कलाकार कर्तव्य पथ पर परफॉर्म करेंगे.