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नर्सरी लगाने पर प्राइवेट सेक्टर को 50% कि वित्तीय सहायता, नर्सरी लगाने मे जिला स्तर पर अधिकारी और कर्मचारी असफल

नर्सरी लगाने पर प्राइवेट सेक्टर को 50% कि वित्तीय सहायता, नर्सरी लगाने मे जिला स्तर पर अधिकारी और कर्मचारी असफल  

सरकार और किसान कल्याण और क़ृषि मंत्रालय, अच्छी क्वालिटी के बीज और पौध सामग्री के उत्पादन और वितरण को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दे रही हैं। राज्यों में पौध सामग्री तैयार करने के लिए नर्सरी का एक नेटवर्क तैयार करना सरकार का उदेश्य हैं। पौध सामग्री की ज़रूरत को पूरा करने के लिए (बागवानी फसलों की बेहतर किस्मों के तहत अतिरिक्त क्षेत्र लाने और पुराने/कमज़ोर बागानों के कायाकल्प कार्यक्रम के लिए), सरकार और क़ृषि मंत्रालय, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के तहत नई बड़ी, छोटी और प्लग टाइप हाई-टेक नर्सरी स्थापित करने के लिए सहायता प्रदान कर रही हैं, लेकिन जिला स्तर पर अधिकारीयों और सरकारी कर्मचारियों के लापरवाही और अकुशलता के कारण इस योजना का संचालन जिला स्तर पर इस योजना का संचालन ना के बराबर हैं, जिला मीरजापुर के ब्लॉक पटेहरा, मड़ीहान, छानबे, सिटी कोन इत्यादि क्षेत्रो मे कम से कम 1 बीघा की भी नर्सरी कही दिखी नहीं, आस पास के लोगो से पूछा भी गया कि इन क्षेत्रो मे आपको पौध नर्सरी खुलने कि जानकारी हैं, परन्तु किसी ने एक भी पौध नर्सरी के बारे मे जानकारी नहीं दे पाए


0.4 से 1 हेक्टेयर नर्सरी लगाने पर मिलेती हैं सब्सिडी


नर्सरी लगाने पर प्राइवेट सेक्टर को 50% कि वित्तीय सहायता, 0.4 से 1 हेक्टेयर नर्सरी लगाने पर मिलेगी सब्सिडी, जी हा आपने बिलकुल सही पढ़ा, पब्लिक सेक्टर को 100% और प्राइवेट सेक्टर को 50% सहायता, 0.4 से 1 हेक्टेयर तक के एरिया के लिए प्रोजेक्ट-आधारित एक्टिविटी के तौर पर, प्रो-राटा बेसिस पर दी जाती हैं। NE और हिमालयी राज्यों, अनुसूचित क्षेत्रों, अंडमान और निकोबार और लक्षद्वीप द्वीपों के मामले में, एरिया की निचली सीमा 0.4 हेक्टेयर हैं।


नर्सरी मे प्रत्येक साल कम से कम 25,000 पौधे प्रति हेक्टेयर पौधों का उत्पादन होना चाहिए, जिनमें अनिवार्य बारहमासी फलों के पौधे, पेड़ मसाले, सुगंधित पौधे, प्लांटेशन फसलें, बारहमासी फूल आदि शामिल होंगे, जिनकी क्वालिटी सर्टिफाइड होगी। हर छोटी नर्सरी का एक्रेडिटेशन आखिरी किस्त जारी होने की तारीख से 18 महीनों के अंदर अनिवार्य होगा।


इस खबर के बाद जों भी किसान नर्सरी से आय बढ़ाने के इच्छुक हैं वह जिला बागवानी अधिकारी के मीरजापुर कार्यालय मे और क़ृषि सेवा प्रदाता - विंध्या माइक्रो सर्विस इंडस्ट्री, डॉ सुरेंद्र नाथ होर्टिकल्चर फाउंडेशन, बृजेश टेक आर्गेनिक एग्री फार्म एंड इंडस्ट्री, पडरिया कलां पटेहरा मीरजापुर, RDGL माइक्रो सर्विस इंडस्ट्री तिलठी मीरजापुर मे संपर्क करें

पौध सामग्री का उत्पादन और वितरण (प्रोजेक्ट मोड में): सरकार और किसान कल्याण और क़ृषि मंत्रालय, अच्छी क्वालिटी के बीज और पौध सामग्री के उत्पादन और वितरण को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दे रही हैं। राज्यों में पौध सामग्री तैयार करने के लिए नर्सरी का एक नेटवर्क तैयार करना सरकार का उदेश्य हैं। पौध सामग्री की ज़रूरत को पूरा करने के लिए (बागवानी फसलों की बेहतर किस्मों के तहत अतिरिक्त क्षेत्र लाने और पुराने/कमज़ोर बागानों के कायाकल्प कार्यक्रम के लिए), सरकार और क़ृषि मंत्रालय, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के तहत नई बड़ी, छोटी और प्लग टाइप हाई-टेक नर्सरी स्थापित करने के लिए सहायता प्रदान कर रही हैं, लेकिन जिला स्तर पर अधिकारीयों और सरकारी कर्मचारियों के लापरवाही और अकुशलता के कारण इस योजना का संचालन जिला स्तर पर इस योजना का संचालन ना के बराबर हैं, जिला मीरजापुर के ब्लॉक पटेहरा, मड़ीहान, छानबे, सिटी कोन इत्यादि क्षेत्रो मे कम से कम 1 बीघा की भी नर्सरी कही दिखी नहीं, आस पास के लोगो से पूछा भी गया कि इन क्षेत्रो मे आपको पौध नर्सरी खुलने कि जानकारी हैं, परन्तु किसी ने एक भी पौध नर्सरी के बारे मे जानकारी नहीं दे पाए